Printer क्या है ?

Printer क्या है ?

दोस्तों यदि आप कंप्यूटर की दुनियाँ में नये हो या फिर आप कंप्यूटर सम्बंधित अध्ययन कर रहे हो तो आपने कंप्यूटर के अंतर्गत Printer का नाम तो सुना ही होगा तो आपने कभी-भी Printer के बारे में जानने की कोशिश की है कि Printer क्या है और Printer कितने प्रकार के होते है Printer इतिहास क्या है। 


नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे है कि Printer क्या है और Printer का इतिहास क्या है और Printer कितने प्रकार के होते है के होते है तो आज हम केवल कंप्यूटर Printer से सम्बंधित बातों पर चर्चा करेगें और Printer से सम्बंधित बहुत सी बातें जानेगें। 

 

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Printer क्या है

प्रिंटर कंप्यूटर की एक आउटपुट डिवाइस है जिसका काम यह है कोई भी हम अपने कंप्यूटर में किसी भी प्रकार की जानकारी को हम एक पेपर पर छाप सकते है कंप्यूटर की स्क्रीन पर जो हमें दीखता है उसे हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं ले जाया जा सकता है पर इसे हम पेपर पर प्रिंटर की मदद से छाप कर पेपर को कही पर भी ले जाकर उसे पढ़ सकते है और हम उसे देख भी सकते है प्रिंटर एक ऐसी डिवाइस है जो सॉफ्ट कॉपी को हार्डकॉपी में बदलती है                       

                                          

Printer का इतिहास क्या है

पहला कंप्यूटर प्रिंटर 19 वी शताब्दी में कम्प्यूटर के पितामह चार्ल्स बैवेज ने डिज़ाइन करके प्रिंटर बनाया था पर 19 वी शताब्दी में जो प्रिंटर बन रहा था वह प्रिंटर 20 वी शताब्दी तक भी नहीं बन पाया था तब जापान की एप्सन नाम की कम्पनी ने 1968 में EP -101 नाम का लाइट से चलने वाला प्रिंटर का अविष्कार किया पर यह प्रिंटर धीमे धीमे चलने के कारन इस पर काम बहुत ही धीमे होता था तो लोगो की मांग थी कोई ज्यादा स्पीड से चलने वाला प्रिंटर बनाया जाये तब से प्रिंटर का विकास होना शुरू हो गया   

कुछ समय बाद 1984 में एक प्रिंटर लॉन्च किया गया उसकी कीमत बहुत कम थी  उस प्रिंटर का नाम HP -Laser jet रखा गया पर वर्ष 2000 तक आते-आते इंटरनेट दुनिआ के कोने -कोने में फेल रहा था 

जिससे इ-मेल का उपयोग करने लगे लोग तभी से प्रिंटर का उपयोग कम करने लग गए

वर्ष 2010 में 3D प्रिंटिंग का उपयोग होने लगा तो लोगो का 3D प्रिंटिंग की ओर खींचना चालू हो गया जिससे 3D प्रिंटर से 3D प्रिंटिंग को भी सरल बना दिया गया पर वर्तमान समय में 3D प्रिंटिंग पूरी तरह से लोगो को पता नहीं पड़ पाया इसी की वजह से 3D प्रिंटिंग की जानकारी लोगो के पास काफी कम है 

Printer क्या है और Printer का इतिहास जानने के बाद अब बात करते है Printer कितने प्रकार के होते है ?

Printer कितने प्रकार के होते है ?

प्रिंट करने की विधि हमारे लिए बहुत ही उपयोगी है  प्रिंटिंग विधि दो प्रकार की होती है 1. इम्पैक्ट प्रिंटिंग विधि 

  1. नॉन -इम्पैक्ट प्रिंटिंग विधि 

इम्पैक्ट प्रिंटिंग विधि – यह प्रिंटिंग विधि हाथो से लिखने के समान होती है जिसमे एक धातु का हेमर या प्रिंटहेड कागज पर टकराता है प्रिंटिंग में कैरक्टर सॉलिड फॉण्ट विधि से कागज पर उभरते है 

इम्पैक्ट प्रिंटिंग के प्रकार 

  1. डॉट -मैट्रिक्स प्रिंटर्स – यह एक इम्पैक्ट प्रिंटर है इस प्रिंटर में पिनो का एक गुच्छा होता है एक -एक पिन के रिबन और कागज पर छूने से एक डॉट बनता है बहुत सारी पिनो को मिलाकर एक अक्षर बनता है इस प्रिंटर में 7 ,9 ,14 ,18 ,24 पिनो का आढ़ा गुच्छा होता है इस प्रिंटर से हम 30 से 600 अक्षर प्रति सेकण्ड (CPS) लिख सकते है इसमें पुराने निर्मार्ण अक्षर नहीं होते है इसलिए ये बहुत अलग अलग आकार और अलग अलग प्रकार की भाषा में छाप सकता  है पर यह प्रिंटर शोर बहुत करता है इसलिए इन प्रिंटरों का उपयोग बहुत कम होने लगा है। 

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  1. डेज़ी व्हील प्रिंटर्स –  यह एक इम्पैक्ट प्रिंटर है इस प्रिंटर में सॉलिड अक्षर होते हे और इस प्रिंटर में एक पहिये जैसे गोल चक्र होता है इस प्रिंटर में प्रिंट हेड की आकृति एक गुलबहार फूल के तरह होने के कारन इसे डेज़ी व्हील कहा जाता हे इस प्रिंटर की लिखने की स्पीड 60 अक्षर प्रति सेकंड होती हे इसमें स्पोक में एक कैरेक्टर का ठोस अक्षर उभरा होता है जिस अक्षर को छापना होता हे तो उस अक्षर वाली स्पोक में विधुत से चलने वाला हथोड़ा पीछे से चोट मारता हे जिससे अक्षर कागज पैर छप जाता हे इसी तरह अक्षरों की लाइन छापता जाता हे इस प्रकार के प्रिंटर काफी कम उपयोग होते हे.

Printer क्या है ?

 

लाइन प्रिंटर – यह भी एक इम्पैक्ट प्रिंटर हे इस प्रिंटर को हाईस्पीड प्रिंटर भी कहते हे क्यों की ये प्रिंटर बड़े कम्प्यूटरो में उपयोग किये जाते हे हाई स्पीड प्रिंटर एक अक्षर छापने की वजाए एक लाइन को एक बार में छाप सकता हे जिससे हमारी टाइम की बचत होती हे इनकी छापने की स्पीड 300 से 3000 लाइन प्रति मिनिट होती हे ये प्रिंटर मिनी व मेनफ़्रेम कम्प्यूटरो में काम में लिए जाते हे ये तीन प्रकार के  होते हे। 

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  • ड्रम प्रिंटर 
  • चैन प्रिंटर 
  • बेंड प्रिंटर 

 

        . ड्रम प्रिंटर – इस प्रिंटर में तेज़् बेलनाकार जैसा घूमने वाला ड्रम होता हे जिस पर अक्षर उभरे हुए होते हे एक बैंड में सभी अक्षरों का एक समूह होता हे ऐसे बैंड सारे ड्रम में होते हे जिससे कागज पर लाइन में कॅरेक्टर छापे जाते हे ड्रम तेज़ी से घूमता हे और चक्कर में छापता हे.

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         चैन प्रिंटर – इस  प्रिंटर में एक चैन होती है जिसे प्रिंटर चैन कहते हे चैन में अक्षर होते हे प्रत्येक कड़ी में एक अक्षर होता हे प्रिंट पोजीशन पर हथोड़े लगे होते हे हथोड़ा कागज और अक्षर से टकराता हे और एक बार में एक लाइन छापी जाती हे। 

Printer

        बैंड प्रिंटर – यह प्रिंटर भी चैन प्रिंटर की तरह ही काम करता हे पर बैंड प्रिंटर में चैन की जगह एक स्टील का एक प्रिंट बैंड होता हे हथोड़ा के चलने से अक्षर कागज पर छपते जाते हे। 

  1. नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर – नॉन इमपैक्ट प्रिंटर में प्रिंट हेड और कागज के बीच में कोई संपर्क  नहीं होता हे इन प्रिंटरों में लेजर तकनिकी से प्रिंटिंग की जाती हे इसलिए इसकी प्रिंटिंग बहुत ही अच्छी होती हे नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर अनेक प्रकार के होते हे
  2. लेज़र प्रिंटर – यह एक नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर हे लेज़र प्रिंटर का उपयोग कंप्यूटर में 1970 से हो रहा हे पहले ये प्रिंटर    मेनफ़्रेम कम्प्यूटरो में उपयोग किये जाते थे  1980 में लेज़र प्रिंटर की कीमत 3000 डॉलर थी यह माइक्रोकम्प्यूटर के उपलब्ध था आज कल लोग इन प्रिंटर को बहुत अधिक पसंद कर रहे हे यह प्रिंटर की स्पीड बहुत तेज़ होती हे यह प्रिंटर ग्राफिक्स और टेक्स्ट की क्वालिटी अच्छी छाप सकता हे लेज़र प्रिंटर में कागज पर आकृति को जेरोग्राफी तकनिकी से छापता हे अधिकांश लेज़र प्रिंटर में एक माइक्रोप्रोसेर ,रेम ,व रोम का प्रयोग किया जाता है लेज़र प्रिंटर का तरीका फोटोकॉपी मशीन की तरह होती हे लेकिन फोटोकॉपी मशीन में तेज़ रौशनी का प्रयोग किया जाता हे लेज़र प्रिंटर 300 से लेकर 600 डॉट पर इंच तक या उससे भी अधिक रेसोलुशन की छपाई करता हे यह प्रिंटर बहुत महंगे होते हे तथा यह प्लास्टिक की सीट या अन्य सीट पर हम छाप सकते हे Printer क्या
  1. थर्मल प्रिंटर – यह एक ऐसी तकनिकी हे जिसमे कागज पर मोम आधारित रिबन से अक्षर छाप सकते हे पर इस प्रिंटर से छपने वाले अक्षर ज्यादा समय तक कागज पैर टिकता हे अर्थात कुछ समय बाद अपने आप मिट जाता हे इस प्रकार के प्रिंटरों का उपयोग ए टी एम मशीनो में किया जाता हे 
  2. फोटो प्रिंटर – फोटो प्रिंटर एक रंगीन प्रिंटर होता हे इस प्रिंटर का उपयोग फोटो छापने तथा डॉक्यूमेंट छापने के लिए इसका प्रयोग किया जाता हे इन प्रिंटरों को फोटो प्रिंटर के रूप में बाजार में लाये जाते हे इसका परिणाम साधारण इंकजेट तथा लेज़र प्रिंटर से बेहतर होता हे इसकी छापने की गुणवत्ता बहुत ही अच्छी होती हे इन प्रिंटरों का उपयोग अब लोग ज्यादा करने लगे हे 
  3. इंकजेट प्रिंटर – इंकजेट प्रिंटर एक नॉन- इम्पैक्ट प्रिंटर हे जिसमे एक नोज़ल की सहायता से कागज पर स्याही की बौछार करके अक्षर और आकृति छापी जाती है इस प्रिंटर का आउटपुट बहुत अच्छा होता हे क्यों की प्रत्येक अक्षर दर्जनों डॉट्स से मिलकर बने होते हे इंकजेट प्रिंटर के कई मॉडल रंगीन आउटपुट देते हे इसकी आउटपुट प्रिंट की क्वालिटी 300 डॉट पर इंच होती हे इसके अलावा इस प्रिंटर की प्रिंटिंग पर यदि नमी आ जाये तो इंक फेल जाती हे नीला , लाल , पीला , काला ये चारो रंग मिलकर किसी भी रंग को उत्पन कर सकते हे इसलिए इसका प्रयोग सभी प्रकार के रंगीन प्रिंटर में किया जाता है इसलिए इस प्रिंटर को CMYK प्रिंटर भी कहते हे Printer
  4. पोर्टेबल प्रिंटर – पोर्टेबल प्रिंटर छोटे कम वजन वाले इंकजेट या थर्मल प्रिंटर होते जो कही पर भी यात्रा करने पर हम अपने लैपटॉप में लगा कर अक्षर या आकृति को छाप सकते हे यह प्रिंटर लाने और कही ले जाने में बहुत ही आसानी होती हे पर यह प्रिंटर इंकजेट प्रिंटर की अपेक्षा महंगे होते हे इनकी छापने की स्पीड सामान्य प्रिंटरों की तुलना में कम होती हे इन्हे डिजिटल कमरे से तत्काल फोटो निकालने में इन प्रिंटरों का प्रयोग किया जाता हे इसलिए इन्हे पोर्टेबल फोटो प्रिंटर कहते है। 

आशा करते है कि Printer क्या है और Printer कितने प्रकार के होते है Printer इतिहास क्या है और Printer से सम्बंधित जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और यह जानकारी आपके लिए काफी उपयोगी साबित हुई होगी तो आप इसी तरह उपयोगी जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर विजिट करते रहिये। 


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