COMPUTER FUNDAMENTAL

COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में COMPUTER 

 

दोस्तों आप एक स्टूडेंट हो या फिर  COMPUTER से सम्बंधित कोई अध्ययन कर रहे हो तो आपको COMPUTER FUNDAMENTAL के बारे में जानकारी होना अति आवश्यक है क्योंकि जब आप कोई कंप्यूटर सम्बंधित कोई परीक्षा देगें तो आपसे जरूर COMPUTER FUNDAMENTAL सम्बंधित प्रश्न पूछे जायेगें तो इसी बात को ध्यान में रखते हो आज हम आपको बताने जा रहे COMPUTER FUNDAMENTAL के अंतर्गत आने वाली चीजे जिन्हें आप जानकारी कंप्यूटर से सम्बंधित किसी भी परीक्षा के प्रश्न आसानी से दे सके.


नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे है COMPUTER FUNDAMENTAL के अंतर्गत आने वाले वो सभी जानकारी जो आपको किसी कंप्यूटर सम्बंधित परीक्षा में पूछी जा सकती है जिसे आप जानकारी कंप्यूटर सम्बंधित परीक्षा के प्रश्न का उत्तर दे सके तो आज हम केवल COMPUTER FUNDAMENTAL  से सम्बंधित बातों पर चर्चा करेगें और इससे सम्बंधित बहुत इस बातें जानेगें.

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COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI-

  • COMPUTER क्या है ?
  • COMPUTER HISTORY
  • COMPUTER के उद्देश्य क्या है ?
  • कंप्यूटर की सीमाएँ क्या है ?
  • COMPUTER के प्रकार क्या है ?
  • ROM क्या है ?
  • RAM क्या है ?
  • INPUT DEVICE  क्या है ?
  • OUTPUT DEVICE क्या है ?
  • 64 BIT और 32 BIT क्या है ?
  • COMPUTER BOOTING PROCESS क्या है ?
  • WINDOWS क्या है ?
  • COMPUTER KEYBOARD
  • COMPUTER MOUSE
  • COMPUTER के विशिष्ट गुणधर्म

 

 

COMPUTER क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

COMPUTER” एक ऐसा शब्द है जिसमें तीन विधियों का समावेश होता है पहला इनपुट दूसरा प्रोसेसिंग तीसरा आउटपुट,

COMPUTER एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे कैलकुलेशन सम्बंधित कार्यों के लिए सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है कंप्यूटर बनाने का उद्देश्य केवल कैलकुलेशन सम्बंधित कार्य पूर्ण करना लेकिन आज के समय कंप्यूटर को हर जगह उपयोग लिया जा रहा है चाहे वो विज्ञानं का क्षेत्र हो या फिर शिक्षा का क्षेत्र हो आज मानव जीवन के हर कार्य  में कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है मानों जैसे की बिना कंप्यूटर अब मानव जीवन की कोई भी कार्य पूर्ण करना असंभव जैसा प्रतीत होता है.

COMPUTER HISTORY (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

अबेकस

अबेकस कैलकुलेशन यन्त्र का निर्माण चीन देश ने लगभग 3000 वर्ष पूर्व किया था चीन में अबेकस कैलकुलेशन यन्त्र एक ऐसा कैलकुलेशन यन्त्र था जिसके माध्यम से चीनी लोग अपने देश या अपने व्यापार या फिर अन्य कैलकुलेशन का हिसाब-किताब का जोड़, भाग, गुढा करने के लिए उपयोग किया करते थे अबेकस को कई समान्तर छड़ों को एकसाथ एक सांचे में कस दिया जाता था और छोटी-छोटी गुरियाँ पिरोई जाती थी अबेकस एक लकड़ी की फ्रेम जैसा दिखता था और इसी के आधार पर चीनी लोग मैथमेटिकल कैलकुलेशनकिया किया करते थे. चीन में अबेकस को सरोवन के नाम से जाना जाता था 

 

नेपियर बोनस

        NAPIER BONES के कैलकुलेशन करने की एक मशीन है जिसका निर्माण JOHN NAPIER नाम के एक वैज्ञानिक ने स्कॉटलैंड में वर्ष 1617 में किया गया था इस मशीन बनाने का उद्देश्य केवल कैलकुलेशन सम्बंधित कार्य को पूरा करना था इस मशीन के निर्माण होने से गुडा (Multiply)  करने की कार्य विधि काफी सरल हो गई थी मशीन को बहुत सी प्रकार की रोड़ों से मिलकर बनाया गया था इन रोड़ों को मशीन में इस प्रकार से फीट किया जाता है जिससे इसमें आसानी से गुणा टेबल फीट हो जाती थी

 

कंप्यूटर जनरेशन –

First Generation के Computer 1946 से 1955 तक – First Generation के Computer के कंप्यूटर का Developments Vacume tube द्वारा हुआ था First Generation के कंप्यूटर काफी बड़े माने जाते थे. इस Generation के कंप्यूटर जल्दी गरम हो जाने के कारण ख़राब हो जाते थे इन Generation के कंप्यूटर में कंप्यूटर को ठंडा करने के लिए Ac की आवश्यकता पढ़ती थी

Second Generation के Computer 1955 से 1964 तक- 1948 में Shockly नामक वैज्ञानिक ने Transistor का अविष्कार किया इस Generation के कंप्यूटर में Vacume tube जगह Transistor का उपयोग किया जाना लगा इसमें भी कंप्यूटर गर्म होने की समस्या बनी रहती थी, तथा इस Generation के कंप्यूटर में भी Ac की आवश्यकता पड़ती थी डाटा स्टोर करने के लिए Magnetic Tap का उपयोग किया गया इस Generation में कंप्यूटर में Transistor का उपयोग होने से इस Generation के कंप्यूटर का साइज़ एक दम छोटा हो गया था.

Third Generation के Computer 1964 से 1975 तक- इस Generation के कंप्यूटर में Technology के रूप में Transistor की जगह Integrated Circuit का उपयोग किया गया 1943 में H Johnson ने Integrated Circuit का Develop किया था IC कम गरम होने के कारण इसमें A C की आवश्यकता नहीं पड़ती थी इस Generation के कंप्यूटर में Hard disk का उपयोग किये जाने लगा इस Generation के कंप्यूटर में Normal Typing के लिए word processing software का निर्माण किया गया इसी Generation में ही Mini कंप्यूटर का निर्माण किया गया

Forth Generation के Computer 1975 से 1980 तक- इस Generation में कंप्यूटर में Integrated Circuit की जगह Microprocessor Very Large Scale Integrated Circuit का उपयोग किया गया. इस Generation के कंप्यूटर छोटे होने के कारण एक स्थान से दुसरे स्थान पर आसानी से ले जा सकते थे.

Fifth Generation के Computer 1980 से अभी तक- इस Generation के कंप्यूटर वर्तमान में उपयोग हो रहे है . इस Generation के कंप्यूटर में स्वयं सोचने की क्षमता (Artificial पैदा) की जा रही है जैसी की आपने टच स्क्रीन वाले लैपटॉप या कंप्यूटर देखें होगें .

 

COMPUTER के उद्देश्य क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI

Computer के उद्देशयों को दो भागों में विभाजित किया गया है

  1. सामान्य उद्देशीय Computer
  2. विशिष्ट उद्देशीय Computer

 

सामान्य उद्देशीय Computer

सामान्य उद्देशीय Computer में अनेक प्रकार के कार्य करने की क्षमता होती है सामान्य उद्देशीय Computer के माध्यम से ही कंप्यूटर पर कंप्यूटर से सम्बंधित सामान्य कार्य किये जाते है जैसे-लैटर टाइप करना, Accounting का कार्य करना, कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाना इन्ही सभी कार्यों को सामान्य उद्देशीय Computer के माध्यम किया जाता है सामान्य उद्देशीय Computer में वही कंप्यूटर हार्डवेयर के पार्ट को जोड़ा जाता है जिसमे केवल कंप्यूटर पर सामान्य कार्य किये जायें.

 

विशिष्ट उद्देशीय Computer

विशिष्ट उद्देशीय Computer का उपयोग हमेशा विशिष्ट जगह या बड़ी जगह पर किया जाता है विशिष्ट उद्देशीय Computer का निर्माण हमेशा विशिष्ट कार्य के करने के लिए किया जाता है इनके माइक्रो प्रोसेसर की क्षमता कार्य के अनुरूप होती है.

 

SOFTWARE क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

कंप्यूटर बिना सॉफ्टवेयर के काम नहीं कर सकता है और नहीं कंप्यूटर बिना सॉफ्टवेयर के चालू हो सकता है कंप्यूटर को उपयोग करने के लिए कंप्यूटर को चालाने के लिए बहुत से प्रकार के सॉफ्टवेयर का उपयगो किया जाता है यह सॉफ्टवेयर निम्न प्रकार के है –

System Software

कंप्यूटर के अंदर System Software वो होते है जो कंप्यूटर के सिस्टम पर कार्य करते है उन्हीं को हम सिस्टम सॉफ्टवेयर कहते है System Software के बिना कंप्यूटर पर कार्य नहीं किया जा सकता है 

 

Application Software

COMPUTER के अंदर Application Software छोटे व बड़े दोनों आकर के होते है इनकों कंप्यूटर के अंदर केवल कंप्यूटर सम्बंधित कार्य करने के लिए बनाया जाता है Application Software बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य नहीं कर सकते है इन Software पर कार्य करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का होना आवश्यक है.

Application Software जैसे –

 

Utility Software

COMPUTER के अंदर Utility Software भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित होते है हर ऑपरेटिंग सिस्टम के अलग-अलग अपने -अपने Utility Software होते है इन सॉफ्टवेयर का उपयोग कंप्यूटर के अंदर छोटी-मोटी चीज या सुविधा देने के लिए उपयोग में लाये जाता है। 

Utility Software जैसे –

Special aim Software-

कंप्यूटर के अंदर कोई विशेष कार्य करने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है उन्हें (Special aim Software) विशेष उद्देश्यी सॉफ्टवेयर कहा जाता है यह सॉफ्टवेर केवल विशेष कार्य करने के लिए बनाये जाते है और कंप्यूटर में उपयोग किये जाता है ।

 

कंप्यूटर की सीमाएँ क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI) 

स्वचलित- COMPUTER  कभी भी अपने आप से कभी भी चालू नहीं होता है COMPUTER  को चालू करने के लिए हमें पॉवर बटन की दबाने की आवश्यकता होती है जब तक हम अपने कंप्यूटर का पावर बटन नहीं दबायेगें तब तक कंप्यूटर स्टार्ट नहीं होगा।

भावुकता की अनुपस्थति- COMPUTER MACHINE है वो व्यक्ति की तरह भावुक नहीं होता है वो अपनी अच्छी-बुरी भावनाएँ प्रकट नहीं कर सकता है इसलिए कंप्यूटर में भावुकता की अनुपस्थति पायी जाती है यदि कंप्यूटर में किसी व्यक्ति के माध्यम से कोई गलती हो जाती है तो कंप्यूटर उस गलती की भावनायें प्रकट नहीं कर सकता है.

विकल्प का चुनाव- जब आप COMPUTER  पर काम करते है तो COMPUTER  कार्य करते समय बहुत से कार्य में आपको विकल्प चुनना होते है जैसे- क्या यह कार्य MS Word में किया जाये कि MS Excel में किया जाये तो यह सभी विकल्प को चुनने का कार्य एक COMPUTER  यूजर ही कर सकता है इस विकल्प को चुनने के लिए COMPUTER  आपकी मदत नहीं कर सकता है। 

स्वयं का विकाश- COMPUTER   अपना खुदका विकाश नहीं कर सकता या कंप्यूटर का विकाश करने के लिए किसी व्यक्ति का होना जरुरी है क्योकि व्यक्ति के हातों से ही कंप्यूटर का विकाश हो सकता है और कंप्यूटर को UPDATE किया जा सकता है। .

COMPUTER के प्रकार क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

माइक्रो कंप्यूटर- माइक्रो कंप्यूटर वो होते है जो हम अपने सामान्य कार्य के लिए उपयोग किया करते है आज कल छोटे से लेकर बड़े व्यापार में माइक्रो कंप्यूटर का सबसे ज्यादा उपयोग किया जा रहा है माइक्रो कंप्यूटर के अंतर्गत कुछ कंप्यूटर के पार्ट्स लगे होते है जैसे – DVD रीडर, motherboard, माइक्रोप्रोसेसर आदि माइक्रो कंप्यूटर का निर्माण व्यक्तिगत कार्य के लिए बनाया गया है पहला माइक्रो कंप्यूटर 1974 में बनाया गया था जिसका नाम Atair 8800 था.

MICRO COMPUTER  जैसे –

  • Desktop
  • Laptop

MINI  COMPUTER– मिनी कंप्यूटर उसको कहा जाता है जिसमें फीचर अधिक और बड़े हो लेकिन उसका आकार छोटा होता है मिनी कंप्यूटर माइक्रो और मेनफ़्रेम कंप्यूटर के बीच का कंप्यूटर है अर्थात मिनी कंप्यूटर माइक्रो और मेनफ़्रेम कंप्यूटर के मध्य आता है मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से बड़े और मैं मेनफ़्रेम कंप्यूटर से छोटे है इसलिए इसे माइक्रो और मेनफ़्रेम कंप्यूटर के मध्य माना जाता है. 

MINI  COMPUTER  जैसे- 

  • Desktop Models
  • Notebook computer
  • Network Computer
  • Tablet

मेनफ़्रेम COMPUTERमेनफ़्रेम कंप्यूटर बहुत बड़े आकार के कंप्यूटर के होते है जिनको रखने के लिए एक अलग से कमरे या अलग से जगह चाहिये होती है मेनफ़्रेम कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर और माइक्रो कंप्यूटर से बड़े होते है और पॉवर फुल होते है किन्तु यह कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर से ज्यादा पॉवर फुल नहीं होते है मेनफ़्रेम कंप्यूटर के एक समय में हजारों लोग एक्सेस कर सकते है मेनफ़्रेम कंप्यूटर में डाटा स्टोर करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और इसकी प्रोसेसिंग काफी फ़ास्ट होती है आज के समय इस कंप्यूटर का उपयोग दुनियां की बड़ी-से बड़ी कंपनी और प्रत्येक देश सरकार कर रही है जैसे उद्योग कंपनी, बैंक, सरकारी विभाग आदि. 

  1. बैंक कार्य
  2. सरकारी विभाग
  3. उधोग 

 

SUPER COMPUTERSUPER COMPUTER  दुनियां का सबसे बड़ा कंप्यूटर माना जाता है क्योंकि इस कंप्यूटर का उपयोग बड़े-बड़े कार्यो के लिए लिया जाता है यह कंप्यूटर सभी कंप्यूटर से ज्यादा तेज होता है और इसके FUNCTION सभी कंप्यूटर से काफी अलग और बड़े होते है इस COMPUTER की स्टोर क्षमता और चलने की गति सभी कंप्यूटर से बहुत तेज होती है यह COMPUTER केवल कंप्यूटर से सम्बंधित कठिन कार्य करने के लिए जाने जाते है कठिन कार्य जैसे -अन्तरिक्ष क्षेत्र, मोसम विभाग क्षेत्र, वैज्ञानिक क्षेत्र, इंजीनियरिंग क्षेत्र, शिक्षा क्षेत्र आदि. 

कुछ सुपर कंप्यूटर  जैसे –

  • ब्लू जिन / एल सिस्टम
  • सिलिकॉन ग्राफ़िक्स
  • एका , सी आरएल. 

 

ROM क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

Rom का पूरा नाम ( Read Only Memory) यह एक Computer की स्थायी मेमोरी है इसमें Computer निर्माण करते समय PROGRAM STORE कर दिये जाते है इसलिए इस MEMORY में PROGRAM को किसी भी स्थति में ना तो परिवर्तन किया जा सकता है और ना ही इसमें किसी PROGRAM को DELETE किया जा सकता है इन्हें केवल पढ़ा जा सकता है इसलिए यह मेमोरी Read Only Memory कहलाई जाती है. 

 

RAM क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

Ram का पूरा नाम ( Random Access Memory) यह Computer  की अस्थाई मेमोरी होती है जब आप अपने Computer के Keyword या किसी अन्य Input Device से Computer  में Input करते हो तो सबसे पहले आपकी Input Process Ram जाकर Store होती है और फिर आपके कंप्यूटर के CPU (Central processing unit) के द्वारा Ram से Process प्राप्त करके आपको आपका Result दे देता है. आपके Computer में जितनी Ram अधिक होगी आपके Computer के स्पीड उतनी ही अधिक होगी, इसलिए ज्यादातर Computer  की speed  Ram पर निर्भर करती है. कंप्यूटर Ram क्या है ?

 

INPUT DEVICE  क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

इनपुट डिवाइस का प्रयोग कंप्यूटर की कोई भी information Input करने के लिए use किया जाता है. Input Device के अंतर्गत आने वाली इनपुट डिवाइस –

1 KEYWORD –Input Device है जिसके माध्यम से हम कंप्यूटर में सीधे डाटा और जानकारी Enter कर सकते है. यह जानकारी या डाटा Numeric या Alpha-Numeric डाटा के रूप में हो सकते है इसके अंदर  93 या 106 आदि keys होती इसमें A To Z तक Alpha-Numeric keys तथा 0 to 9 तक Numeric keys होती है. इसके अलावा कुछ special keys होती है जैसे-Shipt , Ctrl, Alt और साथ ही साथ कुछ Sign keys भी होती है जैसे – @, *,%, # और साथ ही साथ कुछ Functional keys जैसे F1 से लेकर F2 तक. 

2 Mouse-computer Mouse एक Input Device है Mouse के माध्यम से हम Cursor को computer पर किसी भी दिशा में Move करा सकते है यह दिशा  Left, Right, UP या Down हो सकता है .

3 Touch Screen –यह एक Input Device है परन्तु इसका ज्यादातर use  America, Japan अन्य देशों में किया जाता है. इस इनपुट डिवाइस में screen पर एक Menu bar आता है. जिसका प्रत्येक Option कुछ Command लिखें होते है इन Menu bar के किसी भी option कोव्यक्ति के माध्यम से Touch करने पर उस option से सम्बंधित Command Active हो जाती फिर इच्छानुसार इन Command को हम Screen पर Touch करके अपना कार्य कर सकते है इसके कुछ उदहारण है जैसे  – ATM, Mobile Input Device क्या है

4 scanner- यह Input Device फोटो कॉपी मशीन की तरह होती है इसके माध्यम से किसी भी ग्राफिकल image की Duplicate कॉपी तैयार कर सकते है. 

5 Voice – यह भी एक Input Device है. इसको भी Computer में डाला जा सकता है. इसके लिए Micro फोन की आवश्यकता पड़ती है, क्योकि voice के signal analog के रूप में होते है और माइक्रो फोन के माध्यम सिंग्नल को digital में परिवर्तित कर दिया जाता है.

OUTPUT DEVICE क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI) 

वह Device जिनके माध्यम से हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के रुप में Result प्राप्त करते है उन्हें Output Device कहा जाता है हार्ड कॉपी का रिजल्ट प्रिंट के माध्यम से निकला जाता है और सॉफ्ट कॉपी का रिजल्ट monitor पर देख सकते है. Output Device क्या है

1 Printer –printer  एक online Output Device है जिसके माध्यम से computer  के files या डॉक्यूमेंट प्रिंट होकर हार्ड कॉपी का रूप लेती है इसी के माध्यम से हम कंप्यूटर में किसी भी चीज कंप्यूटर प्रिंट को निकाल सकते है .

2 Monitor –इस Device के माध्यम से सॉफ्ट कॉपी का रिजल्ट प्राप्त करते है Monitor दो प्रकार के होते है जिनके माध्यम से हम रिजल्ट देख सकते है .

(अ) Color Monitor – Color monitor के अंधार 3 सामान्य color का उपयोग करते है रेड , ग्रीन, ब्लू . आज केवल color monitor ही ज्यादा से उपयोग में ला जा रहे है.

(ब) Monochrome Monitor – Monochrome Monitor में केवल दो Basic color का उपयोग होता है 1 ब्लैक 2 वाइट Monochrome Monitor के अन्दर इनफार्मेशन Dots के रुप में Created होती है. इस Monitor के अन्दर दो प्रकार की पिक्चर Tube का उपयोग होता है- 

  • 1 C. R. T (Cathode Ray Tube)
  • 2 L.C.D (Liquid Crystal Display)

3 Speaker – स्पीकर भी कंप्यूटर की Output Device के अंतर्गत आता है  इसके माध्यम से हम कंप्यूटर के सभी Output सन्देश /आवाज सुन सकते है। 

 

64 BIT और 32 BIT क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI) 

COMPUTER से सम्बंधित सभी कार्यों Fast करने के लिए जितनी अच्छे COMPUTER System की आवश्यकता होती है तो ठीक उसी प्रकार कंप्यूटर सम्बंधित fast कार्य करने के लिए एक अच्छे COMPUTER में Processor की अहम् भूमिका रहती है. यह इस बात पर निर्भर है की आपके COMPUTER में कौनसा Processor है.

        32 bit या 64 bit 32 bit और 64 bit Processor जानने से पहले आपको COMPUTER Data Unit जानना आवश्यक है.

32 bit – 32 bit का Processor केवल 32 bit का data Process कर सकता है , क्योंकि 32 bit में केवल 4GB Ram की ही Capacity होती है.

यदि आपका COMPUTER 32 bit का है तो उसमे केवल आप 32 bit के ही software Install कर सकते है यदि आपका computer 32 bit है तो आप अपने COMPUTER में 8 GB Ram लगाते हो तो आपको COMPUTER 4GB Ram ही दिखाएगा, क्योंकि आपके COMPUTER की Ram Capacity 4GB तक है.

(कहां use होता है 32 bit Processor)

32 bit Processor को एक Normal Work के लिए सही माना गया है जैसे –

  • Typing
  • Games
  • Data Work
  • Song 

64 bit – 64 bit में 64 bit का डाटा Process किया जा सकता है 64 bit में 32 bit से अधिक Ram लगाने की Capacity होती है 64 bit की Ram Capacity 16 EB है.

(नोट)

यदि आपका COMPUTER में 64 bit Processor है तो आपका Operating system भी 64 bit का होना आवश्यक है. यदि आपने 64 bit में 32 bit operating System डाला है तो वह 32 bit की Process को ही support करेगा 64 bit को नहीं।

कहां use होता है 64 bit Processor)

64 bit का तब use किया जाता है जब हमें कंप्यूटर में बड़े software पर work करना हो जैसे – Graphics , COMPUTER Management & bank .

 

COMPUTER BOOTING PROCESS क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

जब आप अपने Computer को on करते हो और on  होने के बाद Computer के अंदर जो एक छोटी सी process  होती है और वो प्रोसेस Computer के अंदर ठीक तरीके से पूरी होती है और  Computer पूरी तरह से चालू हो जाता है तो बस इसी को Computer के अंदर Booting Process कहा जाता है। Booting Process में यह देखा जाता है की कंप्यूटर से जुड़े सभी डिवाइस या सॉफ्टवेयर ठीक तरीके से काम कर रहे है की नहीं।  

 

WINDOWS क्या है ? (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

MICROSOFT WINDOWS का उपयोग करना काफी सरल है इसमें काफी अच्छे तरीके और सोच समझ के काफी ऑप्शन का चुनाव किया गया है जिससे कंप्यूटर USER को इस OPERATING SYSTEM का उपयोग करने में कोई परेशानी ना हो माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने इस प्रकार से विंडोज को तैयार किया है जिसे कोई भी कंप्यूटर USER इसका उपयोग कर सके  जैसे –

MY COMPUTER से सम्बंधित FUNCTION  जैसे – DVD राइडर , HARD DISK DRIVE  , PEN DRIVE.

CONTROL PANEL  में कंप्यूटर यूजर की एक्टिविटी से सम्बंधित फंक्शन जैसे COMPUTER यूजर को उपलब्ध कराना जैसे  –

  • COMPUTER USER ACCOUNT
  • PARENTAL CONTROL
  • WINDOWS FIREWALL
  • INTERNET FUNCTION
  • WINDOWS DEFENDER
  • BACKUP & RESTORE
  • EASE OF ACTION CENTER

अब अंत में बात करते है ACCESSORIES बारे में विंडोज की ACCESSORIES में कुछ ADVANCE FUNCTION होते है   जैसे –

  • WORDPAD
  • NOTEPAD
  • PAINT
  • CALCULATOR
  • SHIPPING TOOL
  • HELP FUNCTION

 

ध्यान दें –  कंप्यूटर से सम्बंधित किसी भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को पढ़ने से पहले आप कंप्यूटर की किसी भी विंडोज का जरूर पढ़े और कंप्यूटर की विंडोज को अच्छे तरीके से सीखे। 

MICROSOFT ने 1985  से लेकर अभी तक के WINDOWS OPERATING SYSTEM है का निर्माण किया  है –

 

  1. विंडोज 95
  2. विंडोज 95 सेकंड एडिशन
  3. विंडोज nt
  4. विंडोज 98
  5. विंडोज Millennium (Me )
  6. विंडोज 200 प्रोफेसनल
  7. विंडोज Xp
  8. विंडोज vista
  9. विंडोज 7
  10. विंडोज 8
  11. विंडोज 10

अभी वर्तमान में WINDOWS 10 ऑपरेटिंग सिस्टम MICROSOFT  का नया ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसमे पिछले VERSION से ज्यादा काफी FEATURE ADD है। 

COMPUTER KEYBOARD(COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

0 से लेकर 9 तक NUMERIC KEY-NUMERIC KEY का यूज़ कंप्यूटर के अंदर अंको से सम्बंधित जैसे कार्य करने के लिए किया करते है.

A से लेकर Z तक ALPHABET KEY-कंप्यूटर के अंदर ALPHABET KEY का उपयोग टाइप करने के लिए किया करते है.

F1 से लेकर F2 तक FUNCTION KEY-कंप्यूटर के अंदर F1 से लेकर F2 FUNCTION KEY का उपयोग अलग-अलग स्थति में करते है इन FUNCTION को लॉजिकल KEY भी कहते है यह KEY कंप्यूटर के अलग-अलग जगह पर अलग-अलग कार्य करती है इनका स्पष्ट बताना मुमकिन नहीं है क्योंकि कुछ FUNCTION SHORTCUT के रूप में कार्य करती है तो कुछ KEY कंप्यूटर के किसी FUNCTION पर काम करती है।

INSERT KEY-INSERT KEY का यूज़ हम कंप्यूटर के अंदर किसी चीज को लाने यानि INSERT कराने के लिए यूज़ किया करते है.

PAGE UP KEY-PAGE UP KEY का उपयोग जब हम किसी टेक्स्ट एडिटिंग सॉफ्टवेयर के डॉक्यूमेंट पेज पर काम करते है तो उस पेज को ऊपर लेन के लिए इस FUNCTION का उपयोग किया करते है और किसी-किसी सॉफ्टवेयर में तो यह FUNCTION पेज को INSERT कराने के लिए उपयोग किया करते है।

PAGE DOWN –PAGE DOWN KEY PAGE UP KEY के विपरीत कार्य करती है।

END KEY- जब हम अपने कंप्यूटर में MS WORD में कोई डॉक्यूमेंट तैयार करते है तो उस डॉक्यूमेंट में लास्ट पेज पर जाने के लिए END KEY उपयोग करते है।

DELETE KEY-कंप्यूटर में किसी भी चीज को DELETE करने केलिए DELETE KEY का उपयोग किया जाता है।

TAB KEY-जब हम कंप्यूटर में MS WORD के किसी डॉक्यूमेंट पेज पर काम करते है तो पेज पर हम टाइप करते समय SPACE बार-बार लेते है लेकिन जब हम SPACE लेते है तो उसकी दुरी बहुत काम होती है लेकिन हमें ज्यादा SPACE एक ही बार में लेना हो तो हम TAB KEY का उपयोग किया करते है.

CAPS LOCK KEY-CAPS LOCK KEY का उपयोग कंप्यूटर में ALPHABET KEY को SMALL या CAPITAL में लिखने के लिया करते है।

NUM LOCK KEY- NUM LOCK KEY का उपयोग हम NUMERIC KEY को चालू या बंद करने के लिए किया करते है.

SCROLL KEY-यह KEY किसी सॉफ्टवेयर के FUNCTION के USE में की जाती है।

SHIPT KEY -CTRL KEY-ALT KEY-कंप्यूटर में ज़्यदातर इन तीनों KEY का उपयोग हम SHORTCUT KEY के रूप में किया करता है.

 

WINDOWS KEY- कंप्यूटर में इस KEY का उपयोग कंप्यूटर के डिस्प्ले पर WINDOWS के FUNCTION यानि START मेनू लाने के लिए किया करते है.

ENTER KEY-इस KEY का उपयोग  कंप्यूटर में किसी सॉफ्टवेयर पर टाइप करते समय कर्सर नीचे लाने के लिए किया करते है।

BACKSPACE KEY- इस KEY का उपयोग कंप्यूटर में किसी सॉफ्टवेयर पर टाइप करते समय कर्सर पीछे लाने या फिर किसी टाइप किये शब्द को मिटाने के लिए किया जाता है –

ARROW KEY- KEYBOARD के अंदर ARROW KEY चार प्रकार की होती है –

  1. UP ARROW KEY- इस KEY का उपयोग पेज के ऊपर जाने के लिए किया करते है।
  2. DOWN ARROW KEY- इस KEY का उपयोग पेज के नीचे जाने के लिए किया करते है.
  3. LEFT ARROW KEY- इस KEY का उपयोग पेज के LEFT की साइड की ओर जाने के लिए किया करते है।
  4. RIGHT KEY – इस KEY का उपयोग पेज के RIGHT साइड में जाने के लिए किया करते है।

ECS KEY- इस KEY का उपयोग कंप्यूटर के अंदर यदि गेम्स खेल रहे है तो आप उस गेम्स से बहार निकलने के लिए किया करते है.

 

COMPUTER MOUSE (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI) 

पहले Mouse का उपयोग GUI ( Graphical User Interface ) Windows में किया गया था. यदि देखा जाये तो हम कंप्यूटर में mouse का उपयोग Dr. Douglas Engelbart की वजह से कर रहे है यदि वो सबसे पहले कंप्यूटर mouse का Design और पहले mouse का निर्माण नहीं करते तो आज हम अपने कंप्यूटर में mouse का उपयोग नहीं कर सकते थे यदि देखा जाये तो आज के समय में कंप्यूटर से सम्बंधित कुछ ऐसे कार्य है जिन्हें computer Mouse के माध्यम से करना सम्भव हुआ है। आज के समय Mouse Computer की जरूरत बन गया है आज हम Mouse की मदत से Computer पर आसानी से कार्य कर सकते है आज के युग में Technology के माध्यम से कई प्रकार के mouse का निर्माण किया जा रहा है आज मार्किट में बिना तार (Wireless) Mouse भी ख़रीदे और बेचे जा रहे है और उनका उपयोग भी किया जा रहा है Mouse में तीन तीन बटन होते है पहला लेफ्ट बटन दूसरा राइट बटन और तीसरा स्क्रॉल या व्हील बटन,

          आज के समय हम mouse के माध्यम से हम कंप्यूटर पर हर कोई काम को आसानी से कर सकते है और वो भी जल्दी से जल्दी यदि देखा जाये तो mouse का ज्यादातर महत्व फोटे और डिजाईन बनाने में है क्योंकि आप बिना mouse से किसी का फोटो और डिजाईन तैयार नहीं कर सकते है.

 

COMPUTER के विशिष्ट गुणधर्म (COMPUTER FUNDAMENTAL IN HINDI)

 

स्वचलित (Automation )- कंप्यूटर लगभग सभी कार्य स्वचलित रूप से करता है बस यूजर को कमांड देने की जरुरत होती है जिस प्रकार यूजर कंप्यूटर चालू करने के लिए उसका पावर बटन दबाता है और पावर बटन दबाते हुये ही कंप्यूटर स्वचलित रुप से कंप्यूटर चालू हो जाता है और जैसे कोई कंप्यूटर कार्य करते है तब भी यूजर को बस कमांड देना है और उसका कार्य अपने आप हो जायेगा आप यह भी कह सकते है की कंप्यूटर को केवल आदेश की जरुरत है बस एक बार यूजर से उसे आदेश मिल जाये कंप्यूटर अपने आप उसके आदेशानुसार कार्य कर देता है. जैसे excel में एक कमांड देने पर लाखों-करोड़ों रूपये की कैलकुलेशन अपने आप हो जाती है. 

सार्वभौमिकता  (versatility )- आज के समय में बिना कम्प्यूटर के कोई भी कार्य संभव नहीं हो पा रहे है इसलिए कंप्यूटर का उपयोग हर प्रत्येक कार्य क्षेत्र में किया जा रहा है जैसे – कंप्यूटर का उपयोग सरकारी विभाग कार्य में , कंप्यूटर का उपयोग शिक्षा से सम्बंधित कार्य में, कंप्यूटर का उपयोग चिकित्सा के कार्य में , कंप्यूटर का कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिक कार्य में जैसे – अंतरिक्ष , मौसम भविष्यवाणी आदि कार्य में किया जा रहा है यदि देखा जाये तो इन सभी क्षेत्र के कार्य कंप्यूटर पर निर्भर करते है क्योंकि इन सभी के कार्य कंप्यूटर के माध्यम से ही आसानी से पुरे कर सकते है वो भी कम से कम समय में,

आज के इस टेक्नोलॉजी के समय में प्रत्येक देश या प्रत्येक व्यक्ति के 75 % कार्य कंप्यूटर पर निर्भर करते है और इस कारण कंप्यूटर का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है क्योंकि हर कार्य में कंप्यूटर का उपयोग होना बहुत जरुरी हो गया है इसलिए सभी जगह कंप्यूटर का होना स्वाभाविक है इसलिए कंप्यूटर सार्वभौमिकता  (versatility ) है .

 

शुद्धता – Accuracy-आप जब भी कंप्यूटर पर कार्य करते है तो कंप्यूटर बिना गलती के आपका कार्य पूर्ण करता है क्योंकि कंप्यूटर में  शुद्धता – Accuracy पायी जाती है यदि कंप्यूटर से किया गया कार्य गलत होता है तो आप यह ना समझो की कंप्यूटर गलत कार्य कर रहा है और गलत परिणाम दे रहा है ऐसा नहीं है,

          जब भी आप कंप्यूटर पर कार्य रहे हो और वो गलत होता है तो कार्य करने वाले से ही कुछ ना कुछ गलती हुई है इसलिए कंप्यूटर भी गलत परिणाम दे रहा है कंप्यूटर कभी भी गलत कार्य और गलत परिणाम नहीं देता है यह गलत तब होता है जब कंप्यूटर चलाने वाले ने कहीं ना कहीं गलती की हो।

गति – (Speed )-आज के समय में सरकारी विभाग कार्य, शिक्षा सम्बंधित कार्य , वैज्ञानिक सम्बंधित कार्य या फिर किसी भी क्षेत्र के कार्य कंप्यूटर के माध्यम से कुछ ही समय में किये जा रहा है यदि देखा जाये तो जिस कार्य को करने के लिए पांच से लेकर दस लोग लगते थे लेकिन उसी कार्य को कंप्यूटर के माध्यम से कुछ ही समय में संपन्न किया जा रहा है आज के समय में किसी भी कंप्यूटर के माध्यम से जटिल से जटिल कैलकुलेशन को कुछ ही समय में कर देते है और परिणाम निकाल देते है और कंप्यूटर की कार्य करने की गति काफी तेज होती है ।

उच्च संग्रह क्षमता (High Storage Capacity )-कंप्यूटर में किसी भी चीज को रखने की क्षमता बहुत अधिक होती है जब आप अपनी कंप्यूटर सम्बंधित फाइल्स कंप्यूटर के अंदर रखते हो तो कंप्यूटर फाइल्स को रखने के लिए बिल्कुल मामुली से जगह घेरता है जैसे-Kb में यदि आप लाखों-करोड़ों शब्दों की कोई फाइल्स है तो उस फाइल्स को रखने के लिए कंप्यूटर मात्र केवल Kb Data Unit को घेरेगा।

 

COMPUTER DATA UNIT –

0,1BIT
4 BIT1 NIBBLE
8 BIT1 BYTE
1024 BYTE1 KILO BYTE
1024 KILO BYTE1 MEGA BYTE
1024 MEGA BYTE1 GEGA BYTE
1024 GEGA BYTE1 TERA BYTE
1024 TERA BYTE1 PETA BYTE
1024 PETA BYTE1 EXA BYTE
1024 EXA BYTE1 ZETA BYTE

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