Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में

Computer क्या है Computer का इतिहास क्या है और Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में-

दोस्तों आप एक स्टूडेंट है और आप कंप्यूटर सम्बंधित जानकारी का अध्ययन कर रहे है तो आज हम आपको कंप्यूटर से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी के बारे में बतायेगें की कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर का इतिहास क्या है, कंप्यूटर का महत्व, कंप्यूटर की विशेषता और कंप्यूटर से जुडी अन्य सभी चीजों के बारे में आज हम लम्बी चर्चा करगें और कंप्यूटर से सम्बंधित हर एक जानकारी को संक्षेप में जानेगें जो यह जानकारी आपके लिए काफी उपयोग हो सकती है –


नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे है की Computer क्या है Computer का इतिहास क्या है और Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में तो आज हम केवल Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में प्राप्त करेगें और  कंप्यूटर से सम्बंधित हर विषय  चर्चा करेगें –

control panel setting की सम्पूर्ण जानकारी
Google algorithm की सम्पूर्ण जानकारी
BEST MOBILE TRACKER APP
Recycle bin की सम्पूर्ण जानकारी

 

Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में-

  • Computer का इतिहास क्या है ?
  • कंप्यूटर के प्रयोग क्षेत्र कौनसे है
  • Computer सॉफ्टवेयर क्या है ?
  • Computer के प्रकार क्या है ?
  • Computer सीमाएँ क्या है ?
  • कंप्यूटर की समस्या क्या – क्या है ?
  • विंडोज क्या है ?
  • इनपुट डिवाइस की है ?
  • आउटपुट डिवाइस क्या है ?
  • स्टोरेज डिवाइस क्या है ?
  • RAM क्या है ?
  • ROM क्या है ?
  • बूटिंग प्रोसेस क्या है ?
  • कंप्यूटर को सुरक्षित कैसे रखे  ?

 

          Computer का इतिहास क्या है ?- (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में

कंप्यूटर का इतिहास काफी बड़ा है जिसका जिक्र हम संक्षेप में नहीं कर सकते है फिर भी हम आपको कंप्यूटर का इतिहास से अबगत करते है कंप्यूटर के इतिहास में आने वाले चीजें है –

अबेकस-

अबेकस कैलकुलेशन यन्त्र का निर्माण चीन देश ने लगभग 3000 वर्ष पूर्व किया था चीन में अबेकस कैलकुलेशन यन्त्र एक ऐसा कैलकुलेशन यन्त्र था जिसके माध्यम से चीनी लोग अपने देश या अपने व्यापार या फिर अन्य कैलकुलेशन का हिसाब-किताब का जोड़, भाग, गुढा करने के लिए उपयोग किया करते थे अबेकस को कई समान्तर छड़ों को एकसाथ एक सांचे में कस दिया जाता था और छोटी-छोटी गुरियाँ पिरोई जाती थी अबेकस एक लकड़ी की फ्रेम जैसा दिखता था और इसी के आधार पर चीनी लोग मैथमेटिकल कैलकुलेशनकिया किया करते थे. चीन में अबेकस को सरोवन के नाम से जाना जाता था 

नेपियर बोनस-

        NAPIER BONES के कैलकुलेशन करने की एक मशीन है जिसका निर्माण JOHN NAPIER नाम के एक वैज्ञानिक ने स्कॉटलैंड में वर्ष 1617 में किया गया था इस मशीन बनाने का उद्देश्य केवल कैलकुलेशन सम्बंधित कार्य को पूरा करना था इस मशीन के निर्माण होने से गुडा (Multiply)  करने की कार्य विधि काफी सरल हो गई थी मशीन को बहुत सी प्रकार की रोड़ों से मिलकर बनाया गया था इन रोड़ों को मशीन में इस प्रकार से फीट किया जाता है जिससे इसमें आसानी से गुणा टेबल फीट हो जाती थी

कंप्यूटर जनरेशन –

First Generation के Computer 1946 से 1955 तक-

First Generation के Computer के कंप्यूटर का Developments Vacume tube द्वारा हुआ था First Generation के कंप्यूटर काफी बड़े माने जाते थे. इस Generation के कंप्यूटर जल्दी गरम हो जाने के कारण ख़राब हो जाते थे इन Generation के कंप्यूटर में कंप्यूटर को ठंडा करने के लिए Ac की आवश्यकता पढ़ती थी

Second Generation के Computer 1955 से 1964 तक-

1948 में Shockly नामक वैज्ञानिक ने Transistor का अविष्कार किया इस Generation के कंप्यूटर में Vacume tube जगह Transistor का उपयोग किया जाना लगा इसमें भी कंप्यूटर गर्म होने की समस्या बनी रहती थी, तथा इस Generation के कंप्यूटर में भी Ac की आवश्यकता पड़ती थी डाटा स्टोर करने के लिए Magnetic Tap का उपयोग किया गया इस Generation में कंप्यूटर में Transistor का उपयोग होने से इस Generation के कंप्यूटर का साइज़ एक दम छोटा हो गया था.

Third Generation के Computer 1964 से 1975 तक-

इस Generation के कंप्यूटर में Technology के रूप में Transistor की जगह Integrated Circuit का उपयोग किया गया 1943 में H Johnson ने Integrated Circuit का Develop किया था IC कम गरम होने के कारण इसमें A C की आवश्यकता नहीं पड़ती थी इस Generation के कंप्यूटर में Hard disk का उपयोग किये जाने लगा इस Generation के कंप्यूटर में Normal Typing के लिए word processing software का निर्माण किया गया इसी Generation में ही Mini कंप्यूटर का निर्माण किया गया

Forth Generation के Computer 1975 से 1980 तक-

इस Generation में कंप्यूटर में Integrated Circuit की जगह Microprocessor Very Large Scale Integrated Circuit का उपयोग किया गया. इस Generation के कंप्यूटर छोटे होने के कारण एक स्थान से दुसरे स्थान पर आसानी से ले जा सकते थे.

Fifth Generation के Computer 1980 से अभी तक-

इस Generation के कंप्यूटर वर्तमान में उपयोग हो रहे है . इस Generation के कंप्यूटर में स्वयं सोचने की क्षमता (Artificial पैदा) की जा रही है जैसी की आपने टच स्क्रीन वाले लैपटॉप या कंप्यूटर देखें होगें .

कंप्यूटर के प्रयोग क्षेत्र कौनसे है ? – (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

व्यक्ति क्षेत्र में –

आज के समय में दुनियाँ के हर व्यक्ति के कार्य कंप्यूटर से जुड़े हुये है आज देखा जाये तो दुनियाँ का हर व्यक्ति अपने कार्य कंप्यूटर से कर रहा है इसलिए कंप्यूटर का उपयोग व्यक्तिगत क्षेत्र में काफी किया जा रहा है.

व्यापार के क्षेत्र में-

आज के समय में दुनियाँ के प्रत्येक देश के व्यापार में कंप्यूटर का उपयोग काफी अधिक किया जा रहा है क्योंकि आज के समय में व्यापार के क्षेत्र में कंप्यूटर के माध्यम से बहुत से कार्य कुछ ही समय में किया जा सकता है व्यापार के अंदर चाहे कितना भी बड़ा हिसाब-किताब का कार्य हो तो यह कार्य कंप्यूटर के माध्यम से कुछ ही समय में किया जा सकता है  कंप्यूटर के आने से हर देश का व्यापार काफी विकसित हुआ है। 

 सरकारी विभाग के क्षेत्र में –

वर्तमान समय में दुनियाँ के प्रत्येक देश की सरकार अपनी सरकारी कार्य से सम्बंधित प्रत्येक कार्य को करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग कर रहा है आज के समय में दुनियाँ प्रत्येक देश की सरकार के हर सरकारी विभाग में भारी मात्रा में कंप्यूटर स्थापित हुये है और छोटे से लेकर हर बड़े सरकारी कार्य इन्हीं कंप्यूटर के माध्यम से संपन्न किये जा रहे है.

मनोरजन के क्षेत्र में –

यदि देखा जाये तो कंप्यूटर का उपयोग भारी मात्रा में मनोरंजन के क्षेत्र में अधिक किया जा रहा है, क्योंकि मनोरंजन के क्षेत्र कंप्यूटर के माध्यम से काफी विकसित हुये है चाहे आप फिल्मी क्षेत्र को देखों , चाहे आप सोशल नेटवर्क वेबसाइट देखों , चाहे आप गेम्स क्षेत्र को देखो हर मनोरंजन के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है.

शिक्षा के क्षेत्र में –

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग भारी मात्रा में किया जा रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर एक विषय बन गया है आज के समय में हर स्टूडेंट अपने अध्ययन सम्बंधित कार्य को करने के लिए कंप्यूटर का सहारा ले रहा है और संपन्न कर रहा है आज के समय में हर स्टूडेंट का अध्ययन सम्बंधित कोई भी कठनाई वाला कार्य कंप्यूटर के माध्यम से आसानी किया जा सकता है दुनियाँ में कंप्यूटर के आ जाने से शिक्षा का क्षेत्र का काफी विकाश हुआ है और यह विकाश निरंतर चलता जा रहा है।

वैज्ञानिक क्षेत्र में –

आज के समय में दुनियाँ की प्रत्येक देश की सरकार अपने देश के वैज्ञानिक क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग भारी मात्रा में कर रहा है क्योंकि वैज्ञानिक क्षेत्र से सम्बंधित बड़े-बड़े कार्य कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से किये जा रहा है चाहे वो मौसम की भविष्वाणी से सम्बंधित हो, चाहे अंतरिक्ष से सम्बंधित हो हर बड़े वैज्ञानिक क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग भारी मात्रा में किया जा रहा है 

Computer software- ( Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में

कंप्यूटर बिना सॉफ्टवेयर के काम नहीं कर सकता है और नहीं कंप्यूटर बिना सॉफ्टवेयर के चालू हो सकता है कंप्यूटर को उपयोग करने के लिए कंप्यूटर को चालाने के लिए बहुत से प्रकार के सॉफ्टवेयर का उपयगो किया जाता है यह सॉफ्टवेयर निम्न प्रकार के है –

System Software-

कंप्यूटर के अंदर System Software वो होते है जो कंप्यूटर के सिस्टम पर कार्य करते है उन्हीं को हम सिस्टम सॉफ्टवेयर कहते है System Software के बिना कंप्यूटर पर कार्य नहीं किया जा सकता है 

System Software जैसे –

DOS
WINDOWS
LANGUAGE PROCESSORS

 

Application Software-

COMPUTER के अंदर Application Software छोटे व बड़े दोनों आकर के होते है इनकों कंप्यूटर के अंदर केवल कंप्यूटर सम्बंधित कार्य करने के लिए बनाया जाता है Application Software बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य नहीं कर सकते है इन Software पर कार्य करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का होना आवश्यक है.

Application Software जैसे –

MS POWERPOINT
MS WORD
MS EXCEL
COREL DRAW
PHOTOSHOP

 

Utility Software-

COMPUTER के अंदर Utility Software भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित होते है हर ऑपरेटिंग सिस्टम के अलग-अलग अपने -अपने Utility Software होते है इन सॉफ्टवेयर का उपयोग कंप्यूटर के अंदर छोटी-मोटी चीज या सुविधा देने के लिए उपयोग में लाये जाता है। 

Utility Software जैसे –

Lock
Text Editor
Format
Lock

Special aim Software-

कंप्यूटर के अंदर कोई विशेष कार्य करने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है उन्हें (Special aim Software) विशेष उद्देश्यी सॉफ्टवेयर कहा जाता है यह सॉफ्टवेर केवल विशेष कार्य करने के लिए बनाये जाते है और कंप्यूटर में उपयोग किये जाता है ।

Computer के प्रकार क्या है ? – (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

माइक्रो कंप्यूटर-

माइक्रो कंप्यूटर वो होते है जो हम अपने सामान्य कार्य के लिए उपयोग किया करते है आज कल छोटे से लेकर बड़े व्यापार में माइक्रो कंप्यूटर का सबसे ज्यादा उपयोग किया जा रहा है माइक्रो कंप्यूटर के अंतर्गत कुछ कंप्यूटर के पार्ट्स लगे होते है जैसे – DVD रीडर, motherboard, माइक्रोप्रोसेसर आदि माइक्रो कंप्यूटर का निर्माण व्यक्तिगत कार्य के लिए बनाया गया है पहला माइक्रो कंप्यूटर 1974 में बनाया गया था जिसका नाम Atair 8800 था.

MICRO COMPUTER  जैसे –

  • Desktop
  • Laptop

MINI  COMPUTER

मिनी कंप्यूटर उसको कहा जाता है जिसमें फीचर अधिक और बड़े हो लेकिन उसका आकार छोटा होता है मिनी कंप्यूटर माइक्रो और मेनफ़्रेम कंप्यूटर के बीच का कंप्यूटर है अर्थात मिनी कंप्यूटर माइक्रो और मेनफ़्रेम कंप्यूटर के मध्य आता है मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से बड़े और मैं मेनफ़्रेम कंप्यूटर से छोटे है इसलिए इसे माइक्रो और मेनफ़्रेम कंप्यूटर के मध्य माना जाता है. 

MINI  COMPUTER  जैसे- 

  • Desktop Models
  • Notebook computer
  • Network Computer
  • Tablet

मेनफ़्रेम COMPUTER

मेनफ़्रेम कंप्यूटर बहुत बड़े आकार के कंप्यूटर के होते है जिनको रखने के लिए एक अलग से कमरे या अलग से जगह चाहिये होती है मेनफ़्रेम कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर और माइक्रो कंप्यूटर से बड़े होते है और पॉवर फुल होते है किन्तु यह कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर से ज्यादा पॉवर फुल नहीं होते है मेनफ़्रेम कंप्यूटर के एक समय में हजारों लोग एक्सेस कर सकते है मेनफ़्रेम कंप्यूटर में डाटा स्टोर करने की क्षमता बहुत अधिक होती है और इसकी प्रोसेसिंग काफी फ़ास्ट होती है आज के समय इस कंप्यूटर का उपयोग दुनियां की बड़ी-से बड़ी कंपनी और प्रत्येक देश सरकार कर रही है जैसे उद्योग कंपनी, बैंक, सरकारी विभाग आदि. 

  1. बैंक कार्य
  2. सरकारी विभाग
  3. उधोग 

 

SUPER COMPUTER-

SUPER COMPUTER  दुनियां का सबसे बड़ा कंप्यूटर माना जाता है क्योंकि इस कंप्यूटर का उपयोग बड़े-बड़े कार्यो के लिए लिया जाता है यह कंप्यूटर सभी कंप्यूटर से ज्यादा तेज होता है और इसके FUNCTION सभी कंप्यूटर से काफी अलग और बड़े होते है इस COMPUTER की स्टोर क्षमता और चलने की गति सभी कंप्यूटर से बहुत तेज होती है यह COMPUTER केवल कंप्यूटर से सम्बंधित कठिन कार्य करने के लिए जाने जाते है कठिन कार्य जैसे -अन्तरिक्ष क्षेत्र, मोसम विभाग क्षेत्र, वैज्ञानिक क्षेत्र, इंजीनियरिंग क्षेत्र, शिक्षा क्षेत्र आदि. 

कुछ सुपर कंप्यूटर  जैसे –

  • ब्लू जिन / एल सिस्टम
  • सिलिकॉन ग्राफ़िक्स
  • एका , सी आरएल. 
Computer सीमाएँ क्या है ? – (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में

स्वचलित-

COMPUTER  कभी भी अपने आप से कभी भी चालू नहीं होता है COMPUTER  को चालू करने के लिए हमें पॉवर बटन की दबाने की आवश्यकता होती है जब तक हम अपने कंप्यूटर का पावर बटन नहीं दबायेगें तब तक कंप्यूटर स्टार्ट नहीं होगा।

भावुकता की अनुपस्थति-

COMPUTER MACHINE है वो व्यक्ति की तरह भावुक नहीं होता है वो अपनी अच्छी-बुरी भावनाएँ प्रकट नहीं कर सकता है इसलिए कंप्यूटर में भावुकता की अनुपस्थति पायी जाती है यदि कंप्यूटर में किसी व्यक्ति के माध्यम से कोई गलती हो जाती है तो कंप्यूटर उस गलती की भावनायें प्रकट नहीं कर सकता है.

विकल्प का चुनाव-

जब आप COMPUTER  पर काम करते है तो COMPUTER  कार्य करते समय बहुत से कार्य में आपको विकल्प चुनना होते है जैसे- क्या यह कार्य MS Word में किया जाये कि MS Excel में किया जाये तो यह सभी विकल्प को चुनने का कार्य एक COMPUTER  यूजर ही कर सकता है इस विकल्प को चुनने के लिए COMPUTER  आपकी मदत नहीं कर सकता है। 

स्वयं का विकाश-

COMPUTER   अपना खुदका विकाश नहीं कर सकता या कंप्यूटर का विकाश करने के लिए किसी व्यक्ति का होना जरुरी है क्योकि व्यक्ति के हातों से ही कंप्यूटर का विकाश हो सकता है और कंप्यूटर को UPDATE किया जा सकता है। .

कंप्यूटर की समस्या क्या – क्या है ? – (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

कंप्यूटर में बहुत सी प्रकार की समस्या आती रहती है जिससे हमारे कंप्यूटर सम्बंधित कार्य इस समस्या से काफी प्रभावित होते है कंप्यूटर समस्या जैसे –

  • COMPUTER  में अनाश्यक फाइल्स अपने आप आ जाना
  • COMPUTER  में वायरस आना
  • COMPUTER  हैक होना
  • COMPUTER  हैंग होना

 

विंडोज क्या है ? – (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

MICROSOFT WINDOWS का उपयोग करना काफी सरल है इसमें काफी अच्छे तरीके और सोच समझ के काफी ऑप्शन का चुनाव किया गया है जिससे कंप्यूटर USER को इस OPERATING SYSTEM का उपयोग करने में कोई परेशानी ना हो माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने इस प्रकार से विंडोज को तैयार किया है जिसे कोई भी कंप्यूटर USER इसका उपयोग कर सके  जैसे –

MY COMPUTER से सम्बंधित FUNCTION  जैसे – DVD राइडर , HARD DISK DRIVE  , PEN DRIVE.

CONTROL PANEL  में कंप्यूटर यूजर की एक्टिविटी से सम्बंधित फंक्शन जैसे COMPUTER यूजर को उपलब्ध कराना जैसे  –

  • COMPUTER USER ACCOUNT
  • PARENTAL CONTROL
  • WINDOWS FIREWALL
  • INTERNET FUNCTION
  • WINDOWS DEFENDER
  • BACKUP & RESTORE
  • EASE OF ACTION CENTER

अब अंत में बात करते है ACCESSORIES बारे में विंडोज की ACCESSORIES में कुछ ADVANCE FUNCTION होते है   जैसे –

  1. WORDPAD
  2. NOTEPAD
  3. PAINT
  4. CALCULATOR
  5. SHIPPING TOOL
  6. HELP FUNCTION

 

ध्यान दें –  कंप्यूटर से सम्बंधित किसी भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को पढ़ने से पहले आप कंप्यूटर की किसी भी विंडोज का जरूर पढ़े और कंप्यूटर की विंडोज को अच्छे तरीके से सीखे। 

MICROSOFT ने 1985  से लेकर अभी तक के WINDOWS OPERATING SYSTEM है का निर्माण किया  है –

  1. विंडोज 95
  2. विंडोज 95 सेकंड एडिशन
  3. विंडोज nt
  4. विंडोज 98
  5. विंडोज Millennium (Me )
  6. विंडोज 200 प्रोफेसनल
  7. विंडोज Xp
  8. विंडोज vista
  9. विंडोज 7
  10. विंडोज 8
  11. विंडोज 10

अभी वर्तमान में WINDOWS 10 ऑपरेटिंग सिस्टम MICROSOFT  का नया ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसमे पिछले VERSION से ज्यादा काफी FEATURE ADD है। 

 

इनपुट डिवाइस की है ? –  (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

इनपुट डिवाइस का प्रयोग कंप्यूटर की कोई भी information Input करने के लिए use किया जाता है. Input Device के अंतर्गत आने वाली इनपुट डिवाइस –

1 KEYWORD –

 Input Device है जिसके माध्यम से हम कंप्यूटर में सीधे डाटा और जानकारी Enter कर सकते है. यह जानकारी या डाटा Numeric या Alpha-Numeric डाटा के रूप में हो सकते है इसके अंदर  93 या 106 आदि keys होती इसमें A To Z तक Alpha-Numeric keys तथा 0 to 9 तक Numeric keys होती है. इसके अलावा कुछ special keys होती है जैसे-Shipt , Ctrl, Alt और साथ ही साथ कुछ Sign keys भी होती है जैसे – @, *,%, # और साथ ही साथ कुछ Functional keys जैसे F1 से लेकर F2 तक. 

2 Mouse- 

computer Mouse एक Input Device है Mouse के माध्यम से हम Cursor को computer पर किसी भी दिशा में Move करा सकते है यह दिशा  Left, Right, UP या Down हो सकता है .

3 Touch Screen –

यह एक Input Device है परन्तु इसका ज्यादातर use  America, Japan अन्य देशों में किया जाता है. इस इनपुट डिवाइस में screen पर एक Menu bar आता है. जिसका प्रत्येक Option कुछ Command लिखें होते है इन Menu bar के किसी भी option कोव्यक्ति के माध्यम से Touch करने पर उस option से सम्बंधित Command Active हो जाती फिर इच्छानुसार इन Command को हम Screen पर Touch करके अपना कार्य कर सकते है इसके कुछ उदहारण है जैसे  – ATM, Mobile Input Device क्या है

4 scanner-

यह Input Device फोटो कॉपी मशीन की तरह होती है इसके माध्यम से किसी भी ग्राफिकल image की Duplicate कॉपी तैयार कर सकते है. 

5 Voice

यह भी एक Input Device है. इसको भी Computer में डाला जा सकता है. इसके लिए Micro फोन की आवश्यकता पड़ती है, क्योकि voice के signal analog के रूप में होते है और माइक्रो फोन के माध्यम सिंग्नल को digital में परिवर्तित कर दिया जाता है.

आउटपुट डिवाइस क्या है ? – (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

वह Device जिनके माध्यम से हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के रुप में Result प्राप्त करते है उन्हें Output Device कहा जाता है हार्ड कॉपी का रिजल्ट प्रिंट के माध्यम से निकला जाता है और सॉफ्ट कॉपी का रिजल्ट monitor पर देख सकते है. Output Device क्या है

1 Printer –

printer  एक online Output Device है जिसके माध्यम से computer  के files या डॉक्यूमेंट प्रिंट होकर हार्ड कॉपी का रूप लेती है इसी के माध्यम से हम कंप्यूटर में किसी भी चीज कंप्यूटर प्रिंट को निकाल सकते है .

2 Monitor –

इस Device के माध्यम से सॉफ्ट कॉपी का रिजल्ट प्राप्त करते है Monitor दो प्रकार के होते है जिनके माध्यम से हम रिजल्ट देख सकते है .

(अ) Color Monitor – Color monitor के अंधार 3 सामान्य color का उपयोग करते है रेड , ग्रीन, ब्लू . आज केवल color monitor ही ज्यादा से उपयोग में ला जा रहे है.

(ब) Monochrome Monitor – Monochrome Monitor में केवल दो Basic color का उपयोग होता है 1 ब्लैक 2 वाइट Monochrome Monitor के अन्दर इनफार्मेशन Dots के रुप में Created होती है. इस Monitor के अन्दर दो प्रकार की पिक्चर Tube का उपयोग होता है- 

1 C. R. T (Cathode Ray Tube)

2 L.C.D (Liquid Crystal Display)

3 Speaker –

स्पीकर भी कंप्यूटर की Output Device के अंतर्गत आता है  इसके माध्यम से हम कंप्यूटर के सभी Output सन्देश /आवाज सुन सकते है। 

RAM क्या है ? –  (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

Ram का पूरा नाम ( Random Access Memory) यह Computer  की अस्थाई मेमोरी होती है जब आप अपने Computer के Keyword या किसी अन्य Input Device से Computer  में Input करते हो तो सबसे पहले आपकी Input Process Ram जाकर Store होती है और फिर आपके कंप्यूटर के CPU (Central processing unit) के द्वारा Ram से Process प्राप्त करके आपको आपका Result दे देता है. आपके Computer में जितनी Ram अधिक होगी आपके Computer के स्पीड उतनी ही अधिक होगी, इसलिए ज्यादातर Computer  की speed  Ram पर निर्भर करती है. कंप्यूटर Ram क्या है ?

 

ROM क्या है ? –  (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

Rom का पूरा नाम ( Read Only Memory) यह एक Computer की स्थायी मेमोरी है इसमें Computer निर्माण करते समय PROGRAM STORE कर दिये जाते है इसलिए इस MEMORY में PROGRAM को किसी भी स्थति में ना तो परिवर्तन किया जा सकता है और ना ही इसमें किसी PROGRAM को DELETE किया जा सकता है इन्हें केवल पढ़ा जा सकता है इसलिए यह मेमोरी Read Only Memory कहलाई जाती है. 

 

बूटिंग प्रोसेस क्या है ? –  (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

जब आप अपने Computer को on करते हो और on  होने के बाद Computer के अंदर जो एक छोटी सी process  होती है और वो प्रोसेस Computer के अंदर ठीक तरीके से पूरी होती है और  Computer पूरी तरह से चालू हो जाता है तो बस इसी को Computer के अंदर Booting Process कहा जाता है। Booting Process में यह देखा जाता है की कंप्यूटर से जुड़े सभी डिवाइस या सॉफ्टवेयर ठीक तरीके से काम कर रहे है की नहीं।  

COMPUTER IN HINDI-

 

कंप्यूटर को सुरक्षित कैसे रखे  –  (Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में)

  • आप COMPUTER पर अधिक समय तक कार्य करते है तो ह कंप्यूटर को उस स्थान पर रखें जो स्थान काफी ठण्ड हो.
  • आप हमेशा COMPUTER का use उसी व्यक्ति को करने दे जिसे कंप्यूटर की जानकारी हो 
  • यदि COMPUTER का उपयोग नहीं हो रहा है तो आप COMPUTER के power को बंद करके रखें
  • COMPUTER के अंदर जरूरत वाले सॉफ्टवेयर ही इनस्टॉल कर जिन सॉफ्टवेयर पर आप काम नहीं करते उन सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर से हटा दे। 
  • COMPUTER में एक अच्छा सा पेड एंटीवायरस जरूर इनस्टॉल करें। 
  • यदि आपका कंप्यूटर कोई उपयोग करता है तो उसका एक यूजर अकाउंट जरूर बना दें
  • COMPUTER का विंडोज फ़ायरवॉल जरूर चालू रखे.
  • COMPUTER की c ड्राइव में अपना पर्सनल डाटा ना रखे.

आशा करते है की आपको इस आर्टिकल में Computer की संपूर्ण जानकारी संक्षेप में मिल गई होगी और यह जानकारी आपके लिए काफी उपयोगी हुई होगी और यदि आप एक कंप्यूटर के स्टूडेंट है तो आपके लिए यह जानकारी कंप्यूटर सम्बंधित एग्जाम के लिए भविष्य में काफी उपयोगी होगी और आप कंप्यूटर से सम्बंधित बेसिक जानकारी से अवगत हो गये होगें तो आप इसी तरह की हेल्पफुल जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर विजिट करते रहिये। 


www.google.com

SUBSCRIBE

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*