भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास

भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास।

दोस्तों आपने कभी सुपर कंप्यूटर का नाम तो सुना ही होगा तो आपने कभी – भी भारतीय सुपर कंप्यूटर के बारे जानना चाह है कि, भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कैसे विकसित हुआ क्यों हमें अपना खुदका सुपर कंप्यूटर बनाने की आवश्यकता पड़ गई और किस व्यक्ति ने सुपर कंप्यूटर का निर्माण किया तो आज हम इसी बात को ध्यान में रखते हुये आपको भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास बतायेगें और इससे सम्बंधित कई बातों पर चर्चा करेगें।


नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे है की भारत के पहले सुपर कंप्यूटर का निर्माण किसने किया और किस कारण हमारे देश को सुपर कंप्यूटर बनाने की आवश्यकता पड़ गई वो कौन देश था जिसने भारत को सुपर कंप्यूटर देने से इंकार कर दिया था और भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास क्या तो आज हम केवल भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास जुडी कुछ बातों पर चर्चा करेगें –

generation of computer in hindi
History World Wide Web
सुपर कंप्यूटर – विकिपीडिया

भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास-

दुनियां ने जब-जब अपनी टेक्नोलॉजी से भारत को चुनौती दी है तब-तब भारत ने अपनी क़ाबलियत के रूप में पूरी दुनियाँ को मुहतोड़ जबाब दिया है आप समझ ही गये होंगें हम किसके बारे में बात कर रहे है हम बात कर रहे भारत के पहले सुपर कंप्यूटर के बारे में.

            भारतीय सुपर कंप्यूटर की खोज कुछ इस प्रकार से हुई थी क़ि उस समय सुपर कम्प्युटर से भारत के अनेक बड़े कार्य किये जाते थे उस समय भारत अमेरिका से cray नाम का सुपर कंप्यूटर का आयात करता था फिर कुछ समय अमेरिका ने 1980 सुपर कंप्यूटर बेचना बंद कर दिया था भारत में सुपर कंप्यूटर ना होने से भारत कुछ सुपर कंप्यूटर से सम्बंधित बड़े कार्य रुक गये और भारत की इकॉनमिक काफी गिर गई हद तब हो गई जब सभी सुपर कंप्यूटर विकसित देशों ने भारत को सुपर कंप्यूटर बनाने की विधि तक बताने के लिये मना कर दिया सुपर कंप्यूटर पाने के लिए भारत को हर तरफ निराश होना पड़ा तब भारत अपने खुदका सुपर कंप्यूटर बनाने के लिये एक scientific कम्युनिटी बनाई 1984 में CDAC ( Center For Development of Advanced Computing (C-DAC), Pune ) के नाम से इस कम्युनिटी का उद्देश्य था की भारत अपना खुदका एक सुपर कंप्यूटर बनाये जिससे भारत के वो सभी सुपर कंप्यूटर सम्बंधित कार्य पूर्ण रूप से हो सके,

भारत के पहले सुपर कंप्यूटर बनाने वाले प्रोजेक्ट पर कार्य करने के लिये भारत के उस कार्य काल के प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने एक ऐसे व्यक्ति को चुना जिसने अपने जीवन में कभी-कभी सुपर कंप्यूटर को नहीं देखा था, लेकिन उन्हें सुपर कंप्यूटर से सम्बंधित जानकारी का ज्ञान था और उनका नाम था Vijay Pandurang Bhatkar जब प्रधानमंत्री Vijay Pandurang Bhatkar से मिले और उनसे तीन प्रश्न किये-

भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास

 

                        प्रधानमंत्री                       –                    Vijay Pandurang Bhatkar

प्रश्न 1क्या हम सुपर कंप्यूटर बना पायेगेंमैंने आज तक सुपर कंप्यूटर नहीं देखा लेकिन मैंने cray सुपर computer पिक्चर जरूर देखी है पर हम सुपर कंप्यूटर बना सकते है.
प्रश्न 2इसे बनाने में कितना समय लगेगाजितना हम cray सुपर कंप्यूटर अमेरिका से लायेगें उससे भी कम
प्रश्न 3इसमें कितना खर्चा होगाअमेरिका से cray सुपर कंप्यूटर खरीदने पर जितना खर्चा होता था भारत के  सुपर कंप्यूटर बनाने के लिए उससे भी कम खर्चा होगा

 

Vijay Pandurang Bhatkar से  सभी प्रश्न के उत्तर सुनकर भारत पूर्व प्रधानमंत्री की चिंता दूर हुई हो और उन्होंने सुपर कंप्यूटर बनाने के लिये हरी झंडी दे दी इसके बाद सभी भारतीय scientist को  CDAC ( Center For Development of Advanced Computing (C-DAC), ) Pune में बुलाया गया और तीन साल के अंदर यानि 1 / जुलाई / 1991 में भारत ने अपना पहला सुपर कंप्यूटर का निर्माण किया जिसका नाम परम 8000 था भारत की इस कामयाबी की पूरी दुनियां को काफी हैरानी हुई थी बहुत सी दुनियां ने यह कह दिया था की परम 8000  नाम सुपर कंप्यूटर है ही नहीं लेकिन अंतरष्ट्रीय स्तर के scientific ने इस कंप्यूटर को देखने के बाद इसे सुपर कंप्यूटर घोषित कर दिया ,

          अमेरिका एक मीडिया ने तो यह कह दिया कि, अमेरिका ने भारत को सुपर कंप्यूटर देने से इंकार कर दिया इसलिए भारत ने ग़ुस्से में आकर अपना खुदका सुपर कंप्यूटर का निर्माण कर दिया और देखा जाये यह भारत की एक सबसे बड़ी कामयाबी थी क्योंकि भारत का परम 8000 सुपर कंप्यूटर दुनियाँ का दूसरा सबसे फ़ास्ट सुपर कंप्यूटर बना और इसकी किमत cray सुपर कंप्यूटर की किमत से काफी कम था, लेकिन इसका कार्य cray सुपर कंप्यूटर बराबर था और आज के समय में भारत में काफी भारी मात्रा में सुपर कंप्यूटर है।

भारत के पहले सुपर कंप्यूटर निर्माणकर्ता Vijay Pandurang Bhatkar को भारत के पहले सुपर कंप्यूटर बनाने के लिए 2015 में भारतीय राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने पद्माभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया। 

Best Indian Super computer list :- 

  • SahasraT (Cray XC40)
  • Aaditya (IBM/Lenovo System)
  • TIFR Color Boson
  • IIT Delhi HPC
  • Param Yuva 2

“यह तो हमारा भारत के भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास”

आशा करते है कि भारत में पहला सुपर कंप्यूटर कैसे बना और किस देश ने हमें अपना सुपर कंप्यूटर बनाने के लिये मजबूर किया और किस प्रकार हमने अपना सुपर निर्माण किया और साथ ही साथ भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास से जुडी बहुत सी बातों की जानकारी आपको अच्छी लगी होगीं आप इसी तरह की रोचक जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर विजिट करते रहिये। 


 

Spread the love

One Reply to “भारतीय सुपर कंप्यूटर का इतिहास”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*